Thursday, January 17, 2019
Tuesday, January 15, 2019
Monday, January 14, 2019
Saturday, January 12, 2019
http://www.hashmidawakhana.net/consultation-of-childlessness-in-hindi/
निसंतान लोगों के जरूर परामर्श
विवाह के बाद हर स्त्री पुरूष की यही इच्छा होती है कि उनके घर भी एक नन्हा मुन्ना शिशु फूल के रूप में उनकी गृहस्थी की बगिया में खिले।n पुरुष की कामना यही रहती है कि उस शिशु के रूप में उसकी वंश बेल विकसित हो तथा पीढ़ी दर पीढ़ी उसका भी नाम चलता रहे लेकिन संतान न होने पर घर की खुशी, कलह और अशांति में बदल जाती है। कई भोले-भाले लोग तो ढोंगी साधु संतों व ताबीज गण्डों के चक्कर में पड़कर अपना समय और पैसा व्यर्थ में ही गवां देते हैं। जिनके यहां संतान नहीं होती उन्हें पहले सन्तान न होने के कारण स्त्री को ही दोष देते हैं लेकिन दोष स्वयं में ही होता है और व संतान के लिए दूसरी शादी भी कर लेते हैं। ऐसी स्थिति जिन्दगी को और भी अधिक अस्त व्यस्त कर देती है। नि:सन्तान लोगों को हमारा यही परामर्श है कि सबसे पहले पति पत्नी दोनों अपना भली भांति शारीरिक जांच व जरूरी टेस्ट करवाएं ताकि असली दोष का पता चल सके फिर उसी दोष का उपयुक्त इलाज किसी योग्य चिकित्सक से कराएं ताकि उनको जल्दी ही सन्तान सुख प्राप्त हो सके। यमं तो जह जगह आपको संतान प्राप्ति के बड़े बड़े विज्ञापन देखने को मिल जाएंगे लेकिन असली इलाज वही जिससे कुछ लाभ की आशा मिले इसके लिए हम आपको सही और उचित परामर्श देंगे तथा हमारा यही उद्देश्य रहेगा कि आप इधर उधर न भटकें व्यथ में अपना समय और पैसे बर्बाद न करें तथा सही लाभ व सही दिशा ज्ञान प्राप्त कर सकें।Friday, January 11, 2019
http://www.hashmidawakhana.net/female-frigidity-in-hindi/
स्त्री के ठंडापन
स्त्री के ठंडापन होने में सारा दोष पुरूष को भी नहीं देना चाहिए क्योंकि कभी कभी स्त्रियों में ठंडापन विवाह से पहले भी होता है जैसे स्त्री के गर्भाशय व स्त्री यौनांगों में कोई त्रुटि होना, अन्दर की स्त्रावी ग्रन्थियों की अव्यवस्था, कमजोरी, रक्तविकार,गर्भाधान का भय, सम्भोग के प्रति गलत दृष्टिकोण या कष्टपूर्ण समागम का असर आदि कई ऐसे बहुत से शारीरिक व मानसिक कारण हो सकते हैं। जिससे ठंडापन आ जाता है। अतः समझदार पुरुष को चाहिए कि वह अपनी प्रति के पूरी सहानुभूति रखकर अपने व्यवहार आचरण व स्नेही वातावरण बनाकर अपनी स्त्री के रोग व कष्टों को जाने तथा जल्दी ही उचित इलाज द्वारा स्त्री के शारीरिक रोगों व कष्टों को दूर करके उसका ठंडापन समाप्त करें जिससे स्त्री पुरूष दोनों ही अपनी रति क्रिया का असर आनन्दपूर्वक व एक दूसरे के सहयोगी बनकर पूरा कर सकें ताकि उनका विवाहित जीवन सुखमय बन सके। हमारे सफल इलाज से ऐसी अनगिनत स्त्रियां लाभ उठाकर अपने पति के साथ पूरा सहयोग देकर अपना जीवन वास्तविक रूप से सुखमय बना चुकी है।Wednesday, January 9, 2019
http://www.hashmidawakhana.net/azoospermia-nil-sperm-in-hindi/
शुक्रहीनता
कई पुरुषों को यौन सम्बन्धी कोई रोग नहीं होता तथा सहवास के समय उनके शिशन में उत्तेजना व तनाव भी सामान्य व्यक्ति जैसा ही होता है। सम्भोग शक्ति भी पूर्ण होती है किन्तु उनके वीर्य में संतान उत्पन्न करने वाले शुक्राणु या तो बिल्कुल ही नहीं होते या बहुत कमजोर एवं मंदगति से चलने वाले होते हैं जिससे पुरुष संतान उत्पन्न करने योग्य नहीं माना जाता सकता। कई बार इस रोग के साथ व्यक्ति की पिछली गलतियों के कारण या अत्यधिक वीर्य नाश के कारण और भी कई रोग लगे हुए होते हैं तो ऐसे रोगों के लिए यूनानी एवं शक्तिशाली नुस्खों द्वारा तैयार इलाज सबसे बेहतर माना जाता है। हमारे ऐसे ही सफल इलाज में असंख्य रोगी भाई जो निराश होकर संतान पैदा करने की चाहत ही मन में से निकाल चुके थे अब व निराशा को आशा में बलकर संतान पैदा करने योग्य बन चुके हैं।सुजाक :
यह रोग भयानक एवं छूत का रोग है यह रोग गन्दी स्त्रियों व वेश्याओं के साथ सम्भोग करने से होता है। इसकी निशानी यह है कि सम्भोग के कुछ दिन बाद रोगी के पेशाब में जलन होनी शुरू हो जाती है। पेशाब लाल और गर्म आता है पेशाब करते इतनी जलन होती है कि रोगी सचमुच कराहने लगता है। कुछ दिनों के बाद गुप्त इंद्री में से पीप निकलनी शुरू हो जाती है और कभी कभी पेशाब के साथ खून भी आना शुरू हो जाता है। ज्यों ज्यों यह रोग पुराना होता है दर्द जलन एवं चुभन घटती जाती है। केवल पीप बहता रहता है। यह पीप इतना जहरीला होता है कि यदि बेध्यानी में किसी रोगी की आंख पर लग जाए तो अन्धा होने की आशंका रहती है। इस रोग के कीटाणु धीरे धीरे रक्त मे प्रवेश करके अन्य अंगों पर भी असर डालते है। यदि रोग के जरा भी लक्षण दिखाई दें तो आप तुरंत चिकित्सा कराएं। हमारे इलाज से इस रोग के अनेकों रोगी ठीक होकर तन्दुरूस्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
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